संस्कारों का महत्व : "आज के युग मे पारंपरिक मूल्यों की भूमिका " ( Importance of Culture of Manners : The role of traditional values in today's Era )
* संस्कारों का महत्व: " आज के युग में पारंपरिक मूल्यों की भूमिका " आज का युग जहां हम निरंतर प्रगति की ओर बढ़ते जा रहे हैं, तीव्रता से आधुनिक शैली को अपना रहे हैं, जहां देश दुनिया में एक दूजे से होड़ के लिए जद्दोजहद जारी है वहीं एक सवाल मन में संकोच सा उत्पन्न करता है :- : " कि आज हमारे संस्कारों में हम कहां है 😐 ?? " ऐसे समय में यह विचार करना आवश्यक हो जाता है कि क्या हमारे संस्कार जो पीढ़ियों से हमारी पहचान का हिस्सा रहे, वही संस्कार आज भी प्रासंगिक है ।। * परिवार और संस्कार : परिवार यह समाज की सबसे छोटी इकाई है, पर आपको बतला दिया जाए कि संस्कारों के अधीन सबसे मुख्य किरदार यही परिवार ही रखता है, आज हम पुराने समय की ओर चलते हैं और परिवार और संस्कार के बीच का पहलू अपने जीवन के अनुभवों के आधार पर करते हैं आज मैं कुछ किस्से साझा करना चाहूंगा, मेरी उम्र आज 24 वर्ष है और इन्हीं 24 वर्षों के अंतराल में आधुनिक युग को तीव्रता से बढ़ते हुए देखा है।। मेरा जन्म गांव में ही हुआ है मैं गांव के संस्कारों और अनुभव को भलीभांति जाना है, गांव के चौबारे पर बैठे वह बड़े बुजुर्ग ...